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आस्था, विज्ञान और भ्रम के बीच खड़ा ज्योतिष आज सबसे कठिन बौद्धिक परीक्षा दे रहा है!

संपादकीय आस्था, विज्ञान और भ्रम के बीच खड़ा ज्योतिष आज सबसे कठिन बौद्धिक परीक्षा दे रहा है! आज के समय में ज्योतिष को लेकर समाज दो हिस्सों में बँटा हुआ…

आस्था, विज्ञान और भ्रम के बीच खड़ा ज्योतिष आज सबसे कठिन बौद्धिक परीक्षा दे रहा है!

संपादकीय आस्था, विज्ञान और भ्रम के बीच खड़ा ज्योतिष आज सबसे कठिन बौद्धिक परीक्षा दे रहा है! आज के समय में ज्योतिष को लेकर समाज दो हिस्सों में बँटा हुआ…

नारी शक्ति और अनुसूचित जाति की महानता – मानवता के लिए प्रेरणा!

संपादकीय वंचित समाज में ऐसे लोग मिलते हैं, जिनका जीवन दूसरों की भलाई के लिए समर्पित होता है। नीमच जिले के जावद विधानसभा क्षेत्र की मड़ावदा पंचायत के ग्राम रानापुर…

पाखंडी अध्यात्म से सावधानी: जीवन, स्वास्थ्य, तर्क और जिम्मेदारी छोड़ने वाली सोच का खतरनाक प्रभाव!

भूमिका आध्यात्म पर बहस आज केवल आस्था और नास्तिकता की नहीं रह गई है, बल्कि यह पाखंड (धोखा) और हक़ीक़त (सच्चाई) के बीच खड़ी एक गंभीर सामाजिक बहस बन चुकी…

धन्य हो लुणाराम मेघवाल खेजड़ी खातर आफ्त ली।धन्य हो भाई लुणाराम जी।। आप की हैं मेघवाल समाज।ठीक होने की दुआ करते हैं

धन्य हो लुणाराम मेघवालखेजड़ी खातर आफ्त ली।धन्य हो भाई लुणाराम जी।।आपकी हैं मेघवाल समाज।ठीक होने की दुआ करते हैंकविराज।।खेजड़ी बचाने गये दुश्मनके घाव सहे।धन्य हो लुणाराम जी मेघवाल।ऊपर वाला जल्दी…

संपादकीय

वंचितों की आवाज़ होने का दावा और सवर्ण अपमान पर अतिसंवेदनशीलता : बसपा का वैचारिक दोहरापन उजागर! ‘घूसखोर पंडित’ विवाद और राजनीति की संवेदनशीलता हाल ही में प्रस्तावित वेब सीरीज़…

बाकोलिया बने पुनः रेगर महापंचायत के अध्यक्ष

सरदारशहर। रेगर बस्ती स्थित गंगा माता मंदिर में रेगर महापंचायत की बैठक आयोजित की गई, जिसमें नई कार्यकारिणी का गठन किया गया। बैठक में सर्वसम्मति से पोकरमल बाकोलिया को एक…

“मेघवाल समाज पीछे क्यों रह गया? — एक आत्ममंथन और दिशा निर्धारण”

वर्तमान समय में समाज और राजनीति का स्वरूप तेजी से बदल रहा है। आज हर वर्ग, हर जाति और हर समुदाय अपने हितों की सुरक्षा और विस्तार के लिए अवसरों…

समाज सुधार का दीप जलाया,अंधियारे को दूर भगाया।कुरीतियों से लोहा लेकर,मानवता का मान बढ़ाया।

समाज सुधार का दीप जलाया,अंधियारे को दूर भगाया।कुरीतियों से लोहा लेकर,मानवता का मान बढ़ाया। नशा-मुक्त समाज का सपना,हर जन तक आपने पहुँचाया।मृत्यु भोज, नशा-पत्ता जैसेकुप्रथाओं को जड़ से मिटाया। शिक्षा…

धर्मयुद्ध

हे भारत के नागरिकों!देश तभी वास्तविक रूप से आज़ाद और सम्मानित होगा, जब उसके नागरिक मानसिक, सामाजिक और आध्यात्मिक रूप से स्वतंत्र हों। जब नीचता, घृणा, शोषण, अत्याचार और कुकर्म…