जयपुर। शिक्षा विभाग द्वारा जारी शिविरा पंचांग 2026-27 में अवकाशों की अवधि में की गई कटौती के विरोध में राजस्थान शिक्षक संघ (अंबेडकर) ने कड़ा विरोध दर्ज कराया है। संगठन के प्रदेश अध्यक्ष कृष्ण बारूपाल एवं प्रदेश महामंत्री सोहन जोहरम ने इस संबंध में शिक्षा सचिव व माध्यमिक शिक्षा निदेशक को ज्ञापन प्रेषित किया है।
उन्होंने कहा कि नवीन पंचांग में ग्रीष्मकालीन, मध्यावधि एवं शीतकालीन अवकाशों में की गई कटौती न केवल अव्यावहारिक है, बल्कि यह शिक्षकों एवं विद्यार्थियों के हितों के भी विपरीत है। प्रदेश महामंत्री सोहन जोहरम ने बताया कि ग्रीष्मकालीन अवकाश को 30 जून के स्थान पर 20 जून तक सीमित करना राजस्थान की भीषण गर्मी को देखते हुए अनुचित निर्णय है। साथ ही संस्था प्रधान के विवेकाधीन अवकाश में कटौती तथा विद्यालय प्रशासन से जुड़े प्रावधानों को सीमित करना विद्यालय संचालन को प्रभावित करेगा।
उन्होंने यह भी कहा कि शिक्षा संकुल में शिक्षा मंत्री की अध्यक्षता में आयोजित बैठक में शिक्षक संगठनों द्वारा प्रस्तावित ग्रीष्मकालीन अवकाश कटौती का विरोध किया गया था, इसके बावजूद विभाग द्वारा एकतरफा निर्णय लागू करना खेदजनक है।
संगठन ने स्पष्ट किया कि शैक्षिक उन्नयन के नाम पर अवकाशों में कटौती करना समाधान नहीं है। वास्तविक सुधार तभी संभव है जब शिक्षकों को गैर-शैक्षणिक कार्यों से मुक्त कर उन्हें पूर्ण रूप से शिक्षण कार्य पर केंद्रित किया जाए।
संगठन ने मांग की है कि शिविरा पंचांग 2026-27 में की गई अवकाश कटौती को तत्काल प्रभाव से वापस लिया जाए तथा पूर्ववत व्यावहारिक व्यवस्था बहाल की जाए। अन्यथा संगठन को आंदोलनात्मक कदम उठाने के लिए बाध्य होना पड़ेगा।

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