जोधपुर । डॉक्टर वास्तव में भगवान का ही रूप होते हैं, इसका उदाहरण जोधपुर मथुरादास माथुर अस्पताल में देखने को मिला। फलोदी के रिन मलार निवासी वासुदेव की पत्नी निरमा को अत्यधिक रक्तस्राव होने पर गंभीर हालत में फलोदी जिला अस्पताल से जोधपुर रेफर किया गया था। मरीज की स्थिति बेहद नाजुक होने पर जोधपुर एमडीएम अस्पताल में कार्यरत डॉ. तेजाराम ने तुरंत मानवता का परिचय देते हुए रक्तदान कर महिला को नया जीवनदान दिया।


डॉ. तेजाराम भानु सेवा संस्थान के सक्रिय एवं समर्पित कार्यकर्ता भी हैं। उन्होंने ड्यूटी पर रहते हुए आपातकालीन स्थिति में यह रक्तदान किया। जानकारी के अनुसार डॉ. तेजाराम अब तक कुल 18 बार रक्तदान कर चुके हैं, डॉक्टर के इस सराहनीय कार्य की अस्पताल सहित क्षेत्रभर में प्रशंसा हो रही है। लोगों ने कहा कि ऐसे चिकित्सक मानवता और सेवा भाव की मिसाल हैं।

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