“भौतिक सफलता बनाम आंतरिक शांति: आधुनिक मनुष्य की सबसे बड़ी आध्यात्मिक दुविधा?”
आँख नींद मांग रही है, दिमाग़ दौलत… दिल प्यार… और रूह सुकूनमनुष्य एक अद्भुत संगम है—शरीर, मन, दिल और आत्मा का। लेकिन जब ये चारों एक ही दिशा में न…
आँख नींद मांग रही है, दिमाग़ दौलत… दिल प्यार… और रूह सुकूनमनुष्य एक अद्भुत संगम है—शरीर, मन, दिल और आत्मा का। लेकिन जब ये चारों एक ही दिशा में न…
भारतीय समाज एक विराट वृक्ष की तरह है—जड़ों में परंपरा, तने में संस्कार और शाखाओं में संबंधों की हरियाली। किंतु इसी वृक्ष के भीतर कहीं-कहीं दीमक भी लग जाती है,…
कांटे तो बस यूँ ही बदनाम हैं, लोगों को चुभती तो ‘बातें’ ज़्यादा हैं ! प्रकृति के कांटे दिखाई देते हैं, इसलिए उनसे बचाव संभव है; पर मनुष्य की वाणी…
“याद रहे… प्रेम अनपढ़ है, ये हस्ताक्षर नहीं करता, छाप छोड़ता है।” यह पंक्ति प्रेम की उस मौलिक प्रकृति को उजागर करती है, जो औपचारिकताओं से परे है। प्रेम किसी…
(अनुसूचित जाति–जनजाति समाज के संदर्भ में) “जमाना बड़ा अजीब है यहां धोखा देने वाला भी बड़े तहज़ीब से बात करता है…।” अनुसूचित जाति और जनजाति समाज भारत की सबसे श्रमशील,…
बेवजह परेशान होना छोड़ दे, ए जिंदगीआज का जीवन तेजी और तनाव से भरा है। हर व्यक्ति भविष्य की चिंता, डर और असुरक्षा से गुजरता है। कभी अतीत की यादें…
इंसान खिलौना है समय की मुट्ठी में कैद! 1:जीवन का सबसे बड़ा सच यह है कि इंसान समय के जाल में फँसा हुआ है। वह अपने जीवन के अधिकांश क्षणों…
गरीब को इश्क़ (प्यार) हुआ है, और यह इश्क़ केवल दिल का नहीं, बल्कि आत्मा का है। इस इश्क़ में वह माशूक़ (प्रिय) नहीं, बल्कि परवरदिगार है। उसकी आँखों में…
काग़ज़ निर्जीव है। उसमें न धड़कन है, न आँसू, न कोई आवाज़। फिर भी वही काग़ज़ कभी किसी के चेहरे पर मुस्कान ला देता है, तो कभी किसी की आँखों…
*यह शेर पहली नज़र में एक प्रेमी की बेचैनी जैसा प्रतीत होता है, लेकिन इसकी परतें कहीं अधिक गहरी हैं। यहाँ केवल प्रेम की तड़प नहीं, बल्कि जीवन और मृत्यु…