समाज सुधार का दीप जलाया,
अंधियारे को दूर भगाया।
कुरीतियों से लोहा लेकर,
मानवता का मान बढ़ाया।

नशा-मुक्त समाज का सपना,
हर जन तक आपने पहुँचाया।
मृत्यु भोज, नशा-पत्ता जैसे
कुप्रथाओं को जड़ से मिटाया।
शिक्षा को सबसे ऊपर रखा,
ज्ञान का पथ अपनाया।
भामाशाह बन शिक्षा जगत में,
अनेक जीवन सफल बनाया।
अध्ययन गोद योजना के द्वारा,
कितनों का भविष्य संवारा।
अज्ञान के घोर अंधेरे में,
ज्ञान का दीपक तुमने उतारा।
संस्थाओं का कुशल नेतृत्व,
सेवा ही आपका धर्म रहा।
एरोज्ञा संस्थान के संरक्षक,
हर कदम पर संयम रहा।
मेघवाल परिषद बाड़मेर के,
अध्यक्ष बन गौरव बढ़ाया।
समाज को संगठित कर आपने,
एकता का पाठ पढ़ाया।
चौखला की मिट्टी से निकले,
महावीर नगर की पहचान।
तगा राम जी खती नाम से,
गूँज रहा सेवा का गान।
जन्मोत्सव पर शुभकामनाएँ,
स्वस्थ रहें, दीर्घायु हों।
आप सदा समाज के पथ में,
प्रेरणा बन प्रकाश बनो।
— शुभेच्छुक
✍ लिखमाराम सपूनिया सरली।
