प्रतिभा –

लक्षित कर्म ही सफलता की कुंजी है – डॉ प्रांजल बायला

डॉ प्रांजल बायला का स्वागत कर आशीर्वाद दिया

संघ लोक सेवा आयोग UPSC द्वारा 6 मार्च को भारतीय प्रशासनिक सेवा IAS – 2025 का अंतिम परिणाम जारी किया। नसीराबाद अजमेर निवासी बेटी डॉ प्रांजल बायला पुत्री विजय कुमार बायला (9414380202) LIC अधिकारी (पौत्री श्री चुन्नीलाल बायला) ने इंडियन सिविल सर्विस में 890 वीं रैंक के साथ उत्कृष्ट सफलता अर्जित की।

बेटी डॉ प्रांजल बायला का स्वागत सत्कार करने बधाई और आशीर्वाद देने मैं (डॉ गुलाब चन्द जिन्दल) एवं पत्नी श्रीमती शकुन जिन्दल, श्री लक्ष्मीनारायण नारनोलिया एवं पत्नी श्रीमती इंदिरा नारनोलिया उनके निवास पर आज गये।
प्रतिभाशाली डॉ प्रांजल बायला का स्वागत संयुक्त रूप से माला पहनाकर एवं मिठाई से मुंह मीठा कराया गया एवं ढ़ेर सारी शुभकामना के साथ मंगल आशीर्वाद दिया। इस उपलब्धि पर भारत का राष्ट्र चिह्न ‘अशोक स्तंभ’ उपहार स्वरूप भेंट किया गया। इस अवसर पर दादाजी श्री चुन्नीलाल बायला, माता-पिता श्री विजय कुमार बायला एवं श्रीमती कुसुम बायला का भी माल्यार्पण करते हुए मुंह मीठा करा कर स्वागत किया।

उल्लेखनीय है कि डॉ प्रांजल बायला ने AIIMS जोधपुर से MBBS किया तत्काल ही भारतीय प्रशासनिक सेवा परीक्षा की तैयारी की। डॉ प्रांजल बायला के छोटे भाई श्री आदित्य बायला भी MBBS के तृतीय वर्ष में अध्ययन कर रहे हैं।

चर्चा के दौरान मैंने गुड़िया सी मासूम लेकिन प्रशासनिक आत्मविश्वास से भरपूर डॉ प्रांजल से साक्षात्कार के संबंध में जानकारी चाही।


इन्होंने बताया कि बोर्ड ने मुझसे पूछा कि You are a qualified medical doctor, Reasons to switch Medical profession to civil administrative services, Indo-Pak relation in present scenario, Assume you are foreign minister of India, how to work out to improve relations between India and Pakistan. Question asked regarding W.H.O. and U.S. withdrawal the membership from W.H.O. Which Problems will be faced by W.H.O. by withdrawal of the U.S.
and questions related to national and international issues.

परीक्षा में मुख्य विषय मेडिकल साइंस ही रखा।
जिस तरह के जवाब डॉ प्रांजल ने साक्षात्कार में दिए मुझे लगा कि मैं एक अनुभवी प्रशासनिक अधिकारी के सामने बैठा हूं।

ड्राइंग रूम में रखी तथागत बुद्ध की प्रतिमा देखकर मैंने सवाल किया कि तथागत बुद्ध के दर्शन का सार क्या है – जवाब से मैं प्रसन्न हो गया – तथागत बुद्ध ने जीवन को सफल बनाने के लिए मध्यम वर्ग की अवधारणा देते हुए नैतिक चरित्र के साथ कर्म की प्रधानता बताई है। डॉ. आंबेडकर साहब पर अपनी बात कृतज्ञतापूर्वक रखते हुए कहा कि वो अकेले महापुरुष थे जिन्होंने सभी समस्याओं का सामना करते हुए भारत की महिलाओं सहित वंचित वर्ग के अधिकारों एवं सामाजिक समता पर कार्य किया। आज बाबा साहेब द्वारा प्रदत्त संवैधानिक अधिकार की वजह से मैंने यह सफलता अर्जित की।

अपनी सफलता का श्रेय दादाजी श्री चुन्नीलाल बायला, माता-पिता के आशीर्वाद तथा मोरल सपोर्ट के साथ छोटे भाई की शुभकामना को देते हुए अपने महापुरुषों, गुरुजनों के मार्गदर्शन को दिया। सिविल सर्विस की तैयारी की बात पर स्वयं द्वारा प्लानिंग के साथ सघन तैयारी करने की बात रखी। साक्षात्कार में ड्रेस डिजाइनिंग का श्रेय अपनी मम्मी श्रीमती कुसुम बांयला (BSc., BEd. maths.) को दिया। मम्मी श्रीमती कुसुम बायला ने बताया कि प्रांजल घर के सारे कार्यों में मेरा हाथ बंटाती है।
गृह कार्य एवं व्यंजन बनाने में प्रवीण डॉ प्रांजल ने बताया कि मैंने होस्टल में भी कई सहेलियों को खाना बनाना सीखा दिया। डॉ प्रांजल की रुचि लोक कला चित्रकारी, मांडना कला रंगोली के हस्ताक्षर घर आंगन को सुशोभित कर रहे हैं। वयोवृद्ध दादाजी श्री चुन्नीलाल बायला साहब ने अपने वात्सल्य भाव से कहा कि मेरी पोती मेरे स्वास्थ्य का पूरा ध्यान रखती है।
डॉ प्रांजल की यह सफलता समाज के युवाओं में कठोर परिश्रम के साथ उत्साह का संचार करेगी। चहुंओर खुशी की लहर छा गई है, सभी जाति , वर्ग, समुदाय के लोग, सामाजिक संगठन बेटी प्रांजल बायला को बधाई और शुभकामनाएं देने निवास पर आ रहे हैं।
मैं पुनः डॉ प्रांजल बायला द्वारा इंडियन सिविल सर्विस परीक्षा में उल्लेखनीय सफलता पर हार्दिक बधाई और शुभकामनाएं प्रेषित करता हूं।

डॉ प्रांजल बांयला ने इस कहावत को चरितार्थ कर दिया कि – “मेहनत इतनी खामोशी से करो कि सफलता शोर मचा दे।”

अत्त दीपो भव 🪔
(कुछ फोटोग्राफ अवलोकनार्थ)

डॉ गुलाब चन्द जिन्दल ‘मेघ’
कॅरियर काउंसलर
अजमेर।
7 मार्च,2026

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