
• जागो हुक्मरान न्यूज
चौहटन | क्षेत्र के तारातरा मठ गाँव में मेघवाल समाज के व्योवृद्ध धनाराम जी मेघवाल का पिछली 18 मई 2025 को देहान्त हो गया था। आज उनके निवास स्थान पर बाहरवें पर श्रद्धांजली सभा का आयोजन रखा गया। राजस्थान मेघवाल परिषद बाङमेर जिलाध्यक्ष तगाराम खती ने बताया कि राजस्थान मेघवाल परिषद बाड़मेर की जिला कार्यकारिणी का सदस्य होने के नाते परिषद की नीतियों का अनुसरण करते हुवे उनके पुत्र सिदा राम ने दिवंगत पिता के बाहरवें पर सरकार एवं सामाजिक संगठनों का हवाला देते हुवे मृत्यु भोज नहीं करने की ठान ली। कार्यक्रम की शुरुआत आगनुन्त मेहमानो ने दो मिनट का मौन रखते हुवे पुष्पाजंली दी।
बाहरवें पर रिस्तेदारो के साथ साथ बाड़मेर एवं आस पास क्षेत्र के कई संगठनों के लोग तारातरा मठ उनके निवास पर पंहुचे।
श्रद्धाजली सभा में वीराराम परिहार, पी.एच.इ.डी. के एक्स इएन दीपाराम मेघवाल, परिषद के अध्यक्ष तगाराम खती, युवराज जी कागा ने बोलते हुवे सामाजिक कुरीतियों,नशा प्रवृति पर रोक के साथ शिक्षा में निवेश करने सहित अंधविश्वासों से दूर रहने, जरूरत मंद को सहयोग करने अध्ययन गौद योजना में धन लगाने, बाबा साहब की विचारधारा पर चल कर सकारात्मक सोच से परिवार ओर समाज को आगे बढाने की बात की, साथ ही पंवार परिवार द्वारा चौहटन क्षेत्र में की गई इस पहल से समाज के अन्य लोगों को प्रेरणा मिलेगी जिससे आने वाले समय में मृत्यु भोज जैसी कुरीति अपने आप बन्द हो जायेगी।
इस अवसर पर राजस्थान मेघवाल परिषद की टीम ने परिवार जनों को प्रशस्ति पत्र, शॉल एंव माला पहना कर सम्मान किया गया। इस मौके पर पंवार परिवार द्वारा दिवंगत धनाराम जी की स्मृति में शिक्षा के क्षेत्र मे 91000/- रूपये नकद देने की घोषणा की।
जो लोग सार्वजनिक मंचों पर तो मृत्युभोज बन्द करने की बात करते है लेकिन अपने घर में आकर बड़े बड़े भोज करते है जिससे परिवार की प्रतिष्ठा बढने की बजाय घटेगी। लेकिन अब समाज का युवा जाग चुका है युवा ओर सामाजिक चिंतक कुरीतियों का निराकरण मिलकर करेंगे।

कार्यक्रम मे ये रहे उपस्थित: पांचाराम बोसिया, अचलाराम पंवार बायतु , डालुराम माँगता, पारस धनदे जैसार, छुगाराम पंवार पूर्व सरपंच तारातरा,बिजलाराम पंवार, नवाराम, करनाराम, सगताराम, गोपाराम, पेमाराम, गंगाराम, उकाराम पंवार पूर्व सैनिक, भूराराम पंवार, कबीराराम भीमड़ा, रामाराम जैसार, बाबुराम रतासर, हमीराराम दूधवा, मंहीगाराम नौखड़ा, गैनाराम रानीगाँव, कानाराम मकवाना, मांगाराम गेहूँ आदि।
