चौमूं (सुरेन्द्र सिंह हरसोलिया)। शहर के मोरीजा रोड बलाई समाज सभा-भवन के सामने रविवार को बलाई विकास समिति जयपुर मुख्यालय-चौमूं के तत्वावधान में महिला सम्मान समारोह आयोजित हुआ।

समारोह के मुख्य आतिथ्य विधायक डॉ. शिखा मिल बराला ने महिलाओं को अंधविश्वासों से दूर रहने एवं डॉ. भीमराव अंबेडकर के विचारों को अपनाने की बात कही।
अध्यक्षता समिति अध्यक्ष एडवोकेट बद्रीनारायण परिहार ने की।

विशिष्ठ अतिथि भाजपा प्रदेश मुख्य प्रवक्ता व पूर्व विधायक रामलाल शर्मा ने कहा कि महिलाएं अपने बच्चों का विशेष ध्यान देने व शिक्षा के प्रति आगे बढ़ने पर जोर दिया एवं समिति द्वारा मातृशक्ति का सम्मान होना बहुत ही सराहनीय बताया।
विशिष्ट अतिथि पूर्व प्रधान बदाम देवी ने कहां कि डॉ. भीमराव अंबेडकर ने महिलाओं को समानता का अधिकार दिया, जिससे महिलाएं शिक्षा ग्रहण कर आगे बढ़ रही है।
विशिष्ठ अतिथि एसीपी सोनचंद लाडना, सांभरलेक पूर्व प्रधान दुर्गेश वर्मा, समाजसेवी अनीता सिंह, कस्टम एसपी रामजीलाल महरडा, डॉ. सुरेश कुमार वर्मा, समिति संरक्षक रामकिशोर राय, सेवानिवृत एडीएम के.आर. बुनकर, सीआरपीएफ एसपी रविशंकर वर्मा, सेवानिवृत सीआरपीएफ एसपी कजोड़मल बुनकर आदि ने भी अपने-अपने विचार व्यक्त किए।
सभी अतिथियों का समिति के अध्यक्ष एडवोकेट बद्रीनारायण परिहार, महासचिव सुरेन्द्र सिंह हरसोलिया, उपकोषाध्यक्ष नानगराम लुनिवाल, मुख्य संयोजक सुरेश कुमार महरिया, लालाराम महरडा व गोपीचंद महरडा, कालूराम सामरिया एवं समिति के पदाधिकारियों ने माला, साफा व स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया।
समिति द्वारा 450 महिलाओं का माला, शॉल एवं स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया।
इससे पूर्व अतिथि द्वारा डॉ. अंबेडकर, ज्योतिबा फुले व गरीब साहेब के छायाचित्र के समक्ष दीप प्रज्वलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया।
40 बच्चियों ने सांस्कृतिक कार्यक्रम किया गया, जिनका समिति द्वारा सम्मान किया।
मंच संचालन अल्का बरी व राजकुमार इंद्रेश ने किया।
इस दौरान नाथूलाल बराला, राजपाल सिंह नरनोलिया, एडवोकेट राधेश्याम बुनकर, कालूराम सामरिया, शंकरलाल सरावता, सेडूराम मेदवाल, हनुमान सहाय झाटीवाल, गोविंदगढ़ पंसस राधेश्याम खारडिया, जालसू पंसस सुनिता वर्मा, मुकेश कुमार कालोया, प्रहलाद राय जाटावत, हरिनारायण मरोडिया, नरेश कुमार रोजड़ा, घीसालाल बबेरवाल, तुलसीराम बामनिया, राहुल कुमार जोया, रविकांत वर्मा, पूर्व अध्यक्ष एडवोकेट धर्मेंद्र घसिया, प्रशासक मनोहर सरावता, सुभाष बरी, सायरचंद बुनकर, बंशीधर रांगेरा, पप्पूलाल राठी, गोर्वधन बिदावत, शंकरलाल खंडेलवाल, सुल्तान बुनकर, गणेश नारायण बगवाड़िया, मुकेश बबेरवाल, सुमन महरिया, चांद नारनोलिया, इन्द्रा रोजडा, सीमा सामरिया, हेमराज हरसोलिया, सुनिता कालोया, पिंकी परिहार, पार्वती देवी, विरेन्द्र हरसोलिया, राजेंद्र परिहार, शुभम, रोहित परिहार सहित हजारों समाजबंधु मौजूद रहे।
