सांचौर । जालौर जिले के सांचौर में भारतीय बौद्ध महासभा सांचौर की ओर से आयोजित प्रदेश स्तरीय सामाजिक चेतना युवा सेमिनार पूज्य भंते डॉ. सिद्धार्थ वर्धन के पावन सान्निध्य में आयोजित हुआ। इस दो दिवसीय आवासीय कार्यक्रम में मुख्य वक्ता के रूप में मान्यवर राजरत्न अम्बेडकर (भारतीय बौद्ध महासभा के राष्ट्रीय अध्यक्ष और डॉ. बाबासाहेब अम्बेडकर के प्रपौत्र) ने शिरकत की और अपने प्रेरणादायक संबोधन से युवाओं को गहन प्रभावित किया। सेमिनार का मुख्य उद्देश्य युवा पीढ़ी में बौद्ध धम्म की शिक्षाओं, बाबासाहेब अम्बेडकर के संवैधानिक मूल्यों, सामाजिक जागरूकता, नशामुक्ति, शिक्षा, आर्थिक स्वावलंबन और सामाजिक समरसता जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर चेतना जगाना था।

भंते डॉ. सिद्धार्थ वर्धन ने अपने मार्गदर्शन में अहिंसा, करुणा, मैत्री और बौद्ध सिद्धांतों के माध्यम से समाज सुधार की दिशा में युवाओं को प्रेरित किया। उनके प्रभावशाली उपदेशों ने सभी प्रतिभागियों में नई ऊर्जा और संकल्प का संचार किया।मान्यवर राजरत्न अम्बेडकर ने मुख्य वक्ता के रूप में बाबासाहेब के विचारों को जीवंत करते हुए युवाओं को बताया कि बौद्ध धम्म और अम्बेडकरी विचारधारा मिलकर सामाजिक न्याय, समानता और सशक्तिकरण का मजबूत आधार प्रदान करते हैं। उन्होंने युवाओं से अपील की, कि वे समाज में सकारात्मक बदलाव लाने के लिए सक्रिय भूमिका निभाएं और धम्म के मूल्यों को अपनाकर एक जागरूक, न्यायपूर्ण समाज का निर्माण करें।
वहीं, नशामुक्ति, शिक्षा प्रसार, सामाजिक न्याय और बौद्ध मूल्यों के प्रसार के लिए दृढ़ संकल्प लिया।भारतीय बौद्ध महासभा, सांचौर के जिला अध्यक्ष घेवर बौद्ध ने इस आयोजन की पूरी जानकारी देते हुए सभी मुख्य अतिथियों, कार्यकर्ताओं, प्रतिभागियों और सहयोगियों का हृदय से आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि यह सेमिनार युवा शक्ति को संगठित करने और बौद्ध- अम्बेडकर विचारों के प्रसार में एक महत्वपूर्ण कदम साबित हुआ है।
कार्यक्रम में राजस्थान के विभिन्न जिलों से सैकड़ों युवा सामाजिक कार्यकर्ता, छात्र और बौद्ध अनुयायी शामिल हुए। विशेष रूप से हड़मत मेघवाल, ईश्वर पंचाल, शैलेश सामरानी, कानाराम पारीक, भेरूलाल नामा, सामती, निकेश बौद्ध, प्रताप पारंगी शिवगंज, सुखदेव सिंह बौद्ध सीकर, अर्जीत सिंह अलवर, वीणाराम सिरोही दशरथ गुलसर, भरत धोरावत सहित अन्य कई प्रमुख कार्यकर्ता मौजूद रहे।
