भारत में हर तरह अंधविश्वास आडम्बर रूढीवाद पाखण्ड बहुत ही चरम पर फैला हूआ है।
जब कि इसमे कोई हकीक़त नही होती ,इनसे बचकर रहने के लिऐ
सॅतो ने अब तक खुब समझाया,मगर समझे कोन,कितने।
इससे बहुत बढा नुकसान हर पल ही होते जा रहा है।
स्वतंत्र लेखक मदन सालवी ओजस्वी लिखते है कि
बडे स्तर पर देश मे हिंसा नफ़रत
मारकाट, अन्याय सामाजिक शोषण-दमन बढता जा रहा है
जब कि यहां सदियों से कितने ही करोडों देवी देवता रहे है, भगवान परमात्मा, गुरूओं की गिनती ही नही है, जाति धर्म सम्प्रदाय के नाम पर कितने युद्ध, कितनी लडाइयां,कितनी मारकाट होती रही।
इन सभी को ध्यान मे रखते हूऐ
ये निष्कर्ष निकलता है कि
भारत मे कहीं भी कोई जाति धर्म, सम्प्रदाय, गुरू, भगवान की ज़रूरत ही नही है।
इसे अभी से हर इंसान को समझ जाना होगा।
वरना बहूत देर हो जानी है।

मदन सालवी ओजस्वी
स्वतंत्र लेखक भारत
95888-32673
