अंधविश्वास है बड़ी कुरिति।
कइयो के साथ बुरी बिती।।
झाड़ फूंक तंत्र मंत्र से दूरी।
आशा नहीं होगी इसे पुरी।।
झाड़ फूंक और जादू टोना।
कुरिति से जीवन न खोना।।
झाड़ फूंक और जादू बाज।
यह गमा देते हैं घर की लाज।।
सुख दुःख जीवन के है साथी।
इस कुरितियां को समझों नाति।।
कुरिति से खिलाफ चलाए नारा।
ताकि समझ जाएं लोग सारा।।
सुबह शाम आपको कहुं बात।
आप सब छोड़ो अंधविश्वास।।
समझावे IPS किशन सहाय।
इनके हृदय में लागी है लाय।।
तांत्रिक के पास कोई न जाय।
अपने घर में कोई नहीं लाय।।
अंधविश्वास को जल्दी मेटो।
कोई नहीं रहें घर में बैठो।।
अंध विश्वास के हो खिलाफ।
कोई नहीं करें पड़ोसी विलाप।।
विज्ञान का युग आया आज।
चिकित्सा पद्धति में हो विश्वास।।
पुराने रिति रिवाज को छोड़ो।
आधुनिकता की और मुंह मोड़ों।।
अंध विश्वास को जड़ से खत्म।
विज्ञान का लहराओ परचम।।
दुर्गा राम जी चौधरी का नारा।
थै समझौ मारवाड़ी भाई सारा।।
नहीं बने नशाहीन ,पाखंडवाद।
आप सबसे अर्ज करे कविराज।।
रचनाकार
झंवताराम बामणिया
मो नं 9982119028
