
• जागो हुक्मरान न्यूज
चितलवाना | सांचौर के हाड़ेतर गांव निवासी एडवोकेट सिद्धार्थ मणुवेर की शादी हाल ही में तुर्की देश की तुबा देनिज चहान से बोद्ध धर्म की रीति-रिवाजों के अनुसार सम्पन्न हुई। यह विवाह भंते डॉ. सिद्धार्थ वर्धन की उपस्थिति में आयोजित किया गया, जो पूरी तरह से बोद्ध परंपरा से सुसज्जित रहा। यह पहला अवसर है जब सांचौर-जालोर क्षेत्र में तुर्की से एक विदेशी बहु आई है, जिससे यह शादी सोशल मीडिया पर भी चर्चाओं में बनी हुई है।
तुर्की मूल की तुबा देनिज ने फ्रेंच, स्पेनिश और अंग्रेजी भाषाओं में स्नातक किया है और वर्तमान में एक कंपनी में सेवाएं दे रही हैं। उनके पिता एक रिटायर्ड आर्मी कर्नल हैं। तुबा को भारत की संस्कृति,राजस्थान के लोग, भोजन और फल अत्यंत पसंद आए हैं। वहीं,सिद्धार्थ मणुवेर ने दिल्ली से अंग्रेजी माध्यम में लॉ की पढ़ाई की है। वे दिल्ली पुलिस से सेवानिवृत्त एसआई केशाराम मणुवेर के पुत्र हैं। मूल रूप से हाड़ेतर गांव निवासी सिद्धार्थ ने कहा “शिक्षा ही जीवन का सबसे बड़ा हथियार है।” यदि आप कई भाषाएं जानते हैं तो हर क्षेत्र में आगे बढ़ सकते हैं।
अंतरराष्ट्रीय प्रेम कहानी बनी प्रेरणा का स्रोत।
यह विवाह ना केवल दो देशों की संस्कृति को जोड़ता है, बल्कि यह संदेश भी देता है कि शिक्षा,समझ और समर्पण से संस्कृतियों के बीच की दूरियाँ भी मिटाई जा सकती हैं। सिद्धार्थ और तुबा की जोड़ी आज सांचौर-जालोर क्षेत्र के लिए गौरव की बात बन गई है।
रिपोर्ट: अरविन्द डाभी
