स्वर्ग माँ के आँचल में है।
स्वर्ग पिता के चरणों में है।
स्वर्ग भाई-बहनों के प्रेम में है।
स्वर्ग परिवार की खुशहाली में है।
स्वर्ग गाँव की चौपाल में है।
स्वर्ग लहलहाती फसलों में है।
स्वर्ग पेड़ों की शीतल छाया में है।
स्वर्ग प्राणिमात्र की साँसों में है।
स्वर्ग पति-पत्नी की हँसी-ठिठोली में है।
स्वर्ग पक्षियों के कलरव में है।
स्वर्ग फूलों की खुशबू में है।
स्वर्ग भ्रमरों की गुंजन में है।
स्वर्ग बारिश की बूंदों में है।
स्वर्ग प्रकृति की गोद में है।
स्वर्ग विश्व कल्याण की भावना में है।
स्वर्ग दीन दुखियों की सेवा में है।
स्वर्ग सुख-समृद्धि,मृदु वाणी में है।
स्वर्ग मन की सकारात्मक सोच में है।
स्वर्ग सादा जीवन,उच्च विचारों में है।
स्वर्ग समर्पण व सहयोग की भावना में है।
स्वर्ग नौनिहालों की शिक्षा में है।
स्वर्ग हर अपने भीतर ही है।
स्वर्ग दया,करुणा,मैत्री भाव में है।
मानो तो स्वर्ग यहीं है, बाकी झूठे प्रपंच है।

(मास्टर भोमाराम बोस बालोतरा 9829236009)
